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Thursday, August 23, 2007

अप्राएझल

मेरे फ्रेंड के मेल से . . .

अप्राएझल

अप्राएझल के नाम एक लंबी आह भरते है
चलिए अब हम ईस दुखद कहानी की शुरू आत करते है

हमेशा की तरह 10 बजे ठुमकता हुआ ओफ़िस आया
11 बजे तक नाश्ता किया और 12 बजे तक सिर्फ़ मेल ही चेक कर पाया

मै बड़े ध्यान के साथ केयरफुल मेल पढ़ रहा था
तभी देखा मेरे साहब का एक मेल कोने मे ब्लिंक कर रहा था

फिर कोई ट्रेनिंग अटेंड करनी होगी , ये क्या मुसीबत है
क्या रिप्लाइ मे लिखू के मेरे मेल बॉक्स का आज उपवास है

मैने आँखे बंद की और 10 मी नट तक ओम ओम बोला
और प्रणाम करते हुए वो मेल खोला

साहब के ईस मेल मे एक अजब सा सुकून और भोलापन है
लिखा था भाईयो अप्राएझल लेटर आ गाये है अब तो वन टू वन है

मुझे लगा की व्हिबी के उपर यूनीक्स का कोड लिख दिया हो किसी ने
दिल बार बार धड़क रहा था जैसे डबल क्लिक किया हो जैसे किसी ने

मन मे ऐसे बुरे बुरे ख़याल आ रहे थे
उपर से कुछ लोग मेरे डिअप्राएझल की गंदी अफ़वाह उठा रहे थे

अप्राएझल आया ऐसे जैसे इंडिया मे मायकल जॅकसन आया हो
जैसे फुट बॉल टीम ने फिन लॅंड को हराया हो

आख़िर वो वक़्त आया
साहब ने एक एक करके सबको अंदर बुलाया

जो भी अंदर जाता सबको देखते जाता
जैसे ही बाहर आता , मुह छिपाता जाता

ऐसे लगता है वो रूम नही टाईम मशीन हो जो सबको अंदर लेती हो
और गुड टाईम से उठाकर बॅड टाईम मे लाकर छोड़ती हो

किसी को अप्राईझल मे 2000 रुपये मिले मै उसकी हसी उड़ा रहा था
तभी मैने देखा मेरा साहब मुझे इशारे से अंदर बुला रहा था

मै विश्वास से उठा और आगे क़दम बढ़ाया
तभी मेरी बेल्ट का बककल निकल के बाहर आया

मेरी हालत तो अभी से बुरी हो गयी
इज़्ज़त उतरना तो यही से शुरू हो गयी

मै अंदर पहुँचा , साहब ने मुझे बिठाया
उसने मेरा लेटर पढ़ा और वो हसी रोक ना पाया

जैसे ही उसने अप्राईझल लेटर मेरी तरफ़ बढ़ाया
मेरी आँखो के आगे घन घोर अंधेरा छाया

मुझे लगा की मेरी दिल की दीवार पे किसीने गोबर पोटा है
अरे यार 20 रुपये ये भी कोई इंक्रिमेंट है ?

ये सॉफ़्टवेयर इंडस्ट्री है कोई आखाड़ा नही है
ये सलरी इंक्रिमेंट है कोई दादर आने जाने का भाड़ा नही है

मेरी चारो तरफ़ काली घटा छाई
तभी मेरे साहब की सुथिन्ग की आवाज़ आई

तुम सोच रहे होंगे की क्या कंपनी का दिमाग़ फिर गया है ?
पर बेटा हम क्या करे डॉलर का भाव जो 2 रुपया गिर रहा है

पर फिर भी मुझे लगता है की ये लेटर फेक है
मुझे तो लगता है की ये प्रिंटिंग मिस्टेक है

तुम HR मे जाओ
और ये कनफर्म करके आयो

भाई HR मे जाने के लिए तैयार होना पड़ता है
वही तो एक ऐसी जगह है जहा लड़कियो से पाला पड़ता है

उसने मेरा लेटर खोला
और ख़ुश होके बोला

वो बोला सर आपके लिए ख़ूशखबरी है
आपके लेटर मे प्रिंटिंग मिस्टेक पकड़ी है

मैने कहा अब और देर ना लगाना
मुझे मेरा अकचुअल आकाडा बताना

सॉरी सर लेकिन 20 रुपये का नही
सिर्फ़ 2 रुपये का इंक्रिमेंट है

मै बस वहा खड़ा था , कुछ समझ ना आ रहा था
मुझसे ज़्यादा तो सेक्यूरिटी वाला पा रहा था

मैने ख़ुद को संभाला , ख़ुद को उठाया
और मेरे साहब के पास वापिस आया

उसके बोलने से पाहिले ही
मै बोला

सर ये पैसे वापस ले लीजिए बात करना फ़ीजुल है
मै ग़रीब हू , लेकिन भिक नही लेता हू ये मेरा वसूल है

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