Text selection Lock by Hindi Blog Tips

Flag counter

free counters

Friday, August 10, 2007

Hindi kavita सपनो का सौदागर...

सपनो का सौदागर..........

आओ भई आओ
सपने ले लो
दिल्ली है ये
बाज़ार का दूसरा नाम
फ़र्क इतना है
यहाँ चीज़ें नही
सपने बिकते है .
हैर किस्म के सपने.


क्या हुआ ?
कोई सपना ही नही देखा ?
कोई बात नही अभी लो
सपनो की पोतली खोलता हू
ये देखो धनवाँ
ये डेलखो नौकरी
ये लो डिग्री

क्या कहा?
डिग्री दिखौन?
ये लो बाबू
हैर किस्म की डेग्री

(दो मिनट बाद )

हममममम्म्म........
तो ऐसा कहो ना
की टॉप की डेग्री चाहिए...
ये लो जान संचार की (mass communication)
सबसे ज़्यादा बिक रही है बाबू
पत्रकार बानो
PR बनो
ad बनाओ
ये लो..........

ओह...
अच्छा तो गारंटी चाहिए जॉब की ?
हा हा हा ....
भई मैं ही उदाहरण हू
मैं भी जन संचार में स्नातक हू
तभी तो इतनी सफलता से यहाँ
फ़ुटपाथ पर
सपने बेच रहा हू
रंग बिरंगे सपने.

आरेय नही चाहिए था तो पहले बोलते
हटो अब
बोहनी का टाइम है

आओ भई सपने ले लो.......
रन बिर्ँगे..........

No comments: